अंतराल क्यूँ ?
अंतराल इसलिए क्यूँकि
अंतराल
'शुरू हो चुका ' के बाद
और 'ख़त्म होने' से पहले आता है
'शुरू' और 'ख़त्म' के बीच
बहुत कुछ कहा जा सकता है
अंतराल में मैं
अपने पाँव पसार लेती हूँ
ख़यालों की उबासियों के बीच
सुस्ता के कुछ कहना चाहती हूँ
मैं साथ के राहगीरों को भी देखती हूँ,
और उनके ख़यालों की उबासियों को भी
मैं अपने सुस्ता रहे ख़यालों को
खुला छोड़ देती हूँ
और मिलने देती हूँ बाकियों से
जब सफ़र फ़िर से शुरू होगा
मेरे सुस्ता चुके ख़याल
ज़हन में वापस आयेंगे
वो बंट चुकें होंगे,
पर उनके पास भी होगा
मुझसे कुछ नया बांटने के लिए
और ये सब होगा
एक अंतराल में
अंतराल इसलिए क्यूँकि
अंतराल
'शुरू हो चुका ' के बाद
और 'ख़त्म होने' से पहले आता है
'शुरू' और 'ख़त्म' के बीच
बहुत कुछ कहा जा सकता है
अंतराल में मैं
अपने पाँव पसार लेती हूँ
ख़यालों की उबासियों के बीच
सुस्ता के कुछ कहना चाहती हूँ
मैं साथ के राहगीरों को भी देखती हूँ,
और उनके ख़यालों की उबासियों को भी
मैं अपने सुस्ता रहे ख़यालों को
खुला छोड़ देती हूँ
और मिलने देती हूँ बाकियों से
जब सफ़र फ़िर से शुरू होगा
मेरे सुस्ता चुके ख़याल
ज़हन में वापस आयेंगे
वो बंट चुकें होंगे,
पर उनके पास भी होगा
मुझसे कुछ नया बांटने के लिए
और ये सब होगा
एक अंतराल में
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